Model Road Concept : अब गुरुग्राम में पैदल चलने वालों को भी मानने होंगे नियम, GMDA ने तैयार की योजना
मॉडल रोड की सबसे बड़ी विशेषता इसकी डिजिटल प्रवर्तन प्रणाली है। इन सड़कों पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी वाहन रोककर चालान नहीं काटेंगे, बल्कि पूरी निगरानी सीसीटीवी कैमरों से होगी।

Model Road Concept : साइबर सिटी में सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए ग गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) और ट्रैफिक पुलिस गुरुग्राम ने योजना तैयार की है। जिसके तहत अब सड़क पर पैदल चलने वाले राहगीरों को भी सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करना होगा। ताकि पैदल राहगीर सड़क हादसे की चपेट में नहीं आए और न ही उनके कारण कोई बड़ा हादसा हो। बता दे कि गुरुग्राम में हर साल 800 से ज्यादा सड़क हादसो में 100 से ज्यादा पैदल राहगीरों की जान जाती है।
जीएमडीए पहले चरण में शहर की प्रमुख सड़कों को अब मॉडल रोड के रूप में विकसित करेगा। जहां ट्रैफिक नियमों का पालन न करने वालों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए पैनी नजर रखी जाएगी। जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पीसी मीणा ने पुलिस उपायुक्त (यातायात) राजेश मोहन के साथ हुई बैठक में इस योजना पर काम करने के लिए अनुमति दी।
पहले चरण में उन सड़कों को शामिल किया गया है जहाa बुनियादी ढांचा लगभग तैयार है। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं। इफ्को चौक से गोल्फ कोर्स रोड तक, अतुल कटारिया चौक से सेक्टर-29,राजीव चौक से मेदांता रोड (मेफील्ड गार्डन),हीरो होंडा चौक से सेक्टर-29, रामपुरा चौक से पटौदी रोड,हैमिल्टन कोर्ट रोड और व्यापार केंद्र रोड है।
मॉडल रोड की सबसे बड़ी विशेषता इसकी डिजिटल प्रवर्तन प्रणाली है। इन सड़कों पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी वाहन रोककर चालान नहीं काटेंगे, बल्कि पूरी निगरानी सीसीटीवी कैमरों से होगी। नियमों का उल्लंघन करने पर सीधे ई-चालान वाहन मालिक के घर पहुंचेगा। इससे सड़क पर वाहनों की आवाजाही में कोई रुकावट नहीं आएगी।
जीएमडीए इन सड़कों पर लेन ड्राइविंग को अनिवार्य बनाने के लिए स्पष्ट लेन मार्किंग, रिफ्लेक्टर और बोलार्ड्स लगाएगा। पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष क्रॉसिंग और पैदल यात्री ट्रैफिक सिग्नल स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा, मुख्य सड़कों से दबाव कम करने के लिए सर्विस रोड्स को अतिक्रमण मुक्त कर पूरी तरह चालू किया जाएगा।
यात्रियों को रियल-टाइम ट्रैफिक जानकारी देने के लिए डिजिटल साइनेज लगाए जाएंगे। ट्रैफिक अपडेट और नियमों की जानकारी देने के लिए लाउडस्पीकर का उपयोग होगा। रात में बेहतर विजिबिलिटी के लिए स्ट्रीट लाइट्स को दुरुस्त किया जाएगा। अवैध पार्किंग और अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
सीईओ पी सी ने कहा कि हमारा लक्ष्य शहर में एक सुरक्षित यातायात संस्कृति और ड्राइविंग अनुशासन विकसित करना है। इन मॉडल रोड्स के जरिए हम ट्रैफिक प्रबंधन के नए मानक स्थापित करेंगे।” फेज-1 की सफलता के बाद इस योजना को पूरे गुरुग्राम में लागू किया जाएगा।













